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मंगलवार, 15 दिसंबर 2009

चिन्ता दो ही अवस्थाओं में मिट सकती है। या तो सब कुछ हो या फिर कुछ भी न हो।
अपनी रोटी दूसरे के साथ बांट कर खाता है, उसको भूख की बीमारी कभी स्पर्श नही करती।
दस गरीब आदमी एक कंबल में आराम से सो सकते हैं, परंतु दो राजा एक ही राज्य में इकट्ठे नहीं रह सकते।
धन वह है जो हाथ में हो, मित्र वह है जो विपत्ति में हमेशा साथ दें, रूप वह है जहां गुण हो, विज्ञान वह है जहां धर्म हो
क्रोध एक ऐसा मनोविकार है,जिससे मनुष्य विवेकशून्य हो जाता है।
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संवाद सहयोगी, माधोपुर (पठानकोट 10 दिसंबर को शादियां पूरी तरह से बंद हो जाएंगी और फिर शादियों के शुभ मुहुर्त के लिए 15 मई तक का इंतजार करना पड़ेगा। जानकारी अनुसार इस समय 10 दिसम्बर तक ही हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार शादियां हैं और इसके चलते जहां हलवाईयों के पास इतनी बुकिंग है कि उनके शार्गिद भी अब शादियों में खाना बनाने में जुटे हैं। आलम यह है कि एक हलवाई के पास तीन से चार शादियों में खाना बनाने के आर्डर हैं, वहीं टेंट मालिकों का सामान भी पूरी तरह बुक है। टेंट लगाने का कार्य करने वाले अशोक कुमार ने कहा कि इतनी शादियां दिसंबर में कभी पहले नहीं हुई, जितनी इस बार हुई हैं। इसके चलते टेंट का सामान भी पूरा नहीं हो रहा है। वहीं बैंड मास्टर जीवन राम एवं नेकराज ने बताया कि 29 नवंबर से 10 दिसम्बर तक वह लगातार बुक हैं। इसी प्रकार मनियारी की दुकान करने वाले, फूल विक्रेता, कपड़े के व्यापारी के साथ-साथ अन्य दुकानदार भी बहुत खुश थे। परन्तु अब 10 दिसम्बर को ही हिन्दू रीति रिवाज से शादियां लगभग पांच महीने बंद रहेगी। इससे व्यापार फिर मंदी की ओर मुडे़गा। पंडित रमन शर्मा ने कहा कि 10 दिसम्बर तक शादियों के लिए शुभ मुहुर्त हैं और उसके बाद 15 मई 2010 को ही शुभ मुहुर्त आएगा। उन्होंने बताया कि शुक्र तारा के अस्त के चलते एवं अन्य ग्रहों के चलते शादियों के लिए 10 दिसंबर से 14 मई तक मुहुर्त नहीं है, अब शादियां 15 मई 2010 को ही होंगी। टिप्णी

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